Wednesday, February 21, 2024
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गौरीकुंड में हादसों से सबक नहीं ले रही उत्तराखंड सरकार! अवैध रूप से हो रहा घरों का निर्माण

आपदा के मुहाने पर बसा गौरीकुंड कस्बे में गत गुरुवार को हुई दैवीय आपदा के बाद भी सरकार सबक नहीं ले रहा है। बड़ी संख्या में अति संवेदनशील स्थानों पर झोपड़ियां व अस्थाई आवास बनाए गए हैं, जहां हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। गौरीकुंड कसबा आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील है, इसके बावजूद इस कस्बे की आबादी यात्रा सीजन में क्षमता से भी कई अधिक रहती है। जिससे बेहताशा अवैध रूप से निर्माण हो रहा है, जो दुर्घटना का मुख्य कारण बन रही है।

केदारनाथ यात्रा का मुख्य पड़ाव गौरीकुंड में पिछले दो सप्ताह में दो दर्दनाक घटनाएं हुई है, जिसमें छह की मौत हुई, जबकि 19 लोग लापता चल रहे हैं। गौरीकुंड कसबा में हमेशा से ही दैवीय आपदाएं घटित होती रहती थी। काफी कम क्षेत्रफल में बसने के बावजूद यहां पर आठ से दस हजारों की संख्या में मजदूर विशेषकर नेपाली मूल के लोग रहते हैं। जबकि इसके अलावा यात्रा सीजन में भी बड़ी संख्या में व्यापारी व बाहरी क्षेत्रों यहां रोजगार करने के लिए आते हैं। यात्रियों की भी पहली पसंद गौरीकुंड ही होती है। बड़ी संख्या में रात्रि निवास के लिए यात्री गौरीकुंड पहुंचते हैं, लेकिन क्षमता कम होने से यहां भारी भीड़ रहती है। बड़ी संख्या में लोगों के आने से यहां अस्थाई आवास बनाए गए हैं, एक ही डेरे में एक दर्जन से लेकर दो तीन दर्जन लोग रहते हैं। गत गुरुवार को भी छोटी सी दुकान में रात्रि को 20 से अधिक मजदूर रह रहे थे। गत रात्रि को हुई दुर्घटना में भी अस्थाई झोड़पी बनाई गई थी, वह असुरक्षित स्थान पर थी, जो दुर्घटना का कारण बनी। प्रशासन ने अवैध रूप से बनाई गई अस्थाई दुकानों व प्रतिष्ठानों को हटाने का कार्य शुरू किया है, लेकिन इसके बावजूद हाईवे से हट कर गौरीकुंड कस्बे के आसपास भी बड़ी संख्या में अति संवेदनशील स्थानों पर अस्थाई निर्माण किया गया है, जिनमें हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है, बरसात के समय दुर्घटना की संभावना और बढ़ जाती है। घोड़ा खच्चर यूनियन के अध्यक्ष अवतार सिंह ने कहा कि सरकार को गौरीकुंड में दैवीय आपदा से बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने चाहिए। जो भी सुरक्षित उपाय है उस पर कठोरता से कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शटल वाहन सेवा के वाहन भी ठीक डेंजर जोन के नीचे खड़े रहते हैं, जिससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। इसे यहां से हटाकर सुरक्षित स्थान पर वाहन खड़े रहना चाहिए। उपजिलाधिकारी जितेन्द्र वर्मा ने कहा कि अतिसंवदेनशील स्थान पर बने सभी निर्माण व अस्थाई निर्माण को हटाया जाएगा। इसके लिए प्रशासन की ओर से चिन्हीकरण कार्य किया जा रहा है।

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