Tuesday, February 7, 2023
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स्वास्थ्य विभाग को तबादला एक्ट से बाहर रखने का कैबिनेट में आएगा प्रस्ताव, सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क होगी 258 जांचे

देहरादून । प्रदेश के राजकीय अस्पतालों में निश्शुल्क पैथौलाजी जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। पहले जहां 207 जांच की जाती थी वहीं अब 258 जांच निश्शुल्क की जाएगी। वहीं, पर्वतीय जनपदों में खुशियों की सवारी का विस्तार करते हुए वाहनों की संख्या बढ़ायी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग में पुरानी हो चुकी एंबुलेंस को शव वाहन के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग को तबादला एक्ट से अलग रखने के लिये प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा।

स्वास्थ्य महानिदेशालय में आयोजित समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिह रावत ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं आवश्यक सेवाओं के अंतर्गत आती हैैं। जहां चिकित्साकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ का स्थानांतरण जरूरत अनुसार करना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग को तबादला एक्ट से बाहर करने के लिए कैबिनेट में प्रस्ताव लाने के निर्देश उन्होंने विभागीय अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के तबादला एक्ट के अधीन होने से विभाग में स्थानांतरण को लेकर कठिनाईयां पैदा होती हैैं। जिसे दूर करने के लिए विभाग को तबादला एक्ट से बाहर रखना जरूरी है। कहा कि प्रदेश में निश्शुल्क पैथौलाजी जांच का दायरा बढऩे से अधिक से अधिक मरीजों को इसका लाभ मिल सकेगा। इसके अलावा पर्वतीय जनपदों में खुशियों की सवारी का दायरा बढ़ाया जाएगा। ताकि विषम भौगोलिक परिस्थिति वाले क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में लाने व वापस घर पहुचाने में बेहत्तर सुविधा मिल सके।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सूबे में पुरानी हो चुकी राज्य सेक्टर की एंबुलेंस को शव वाहन के रूप में परिवर्तित कर इस्तेमाल में लाया जाए। उन्होंने अधिकारियां को 108 सेवा को और बेहत्तर बनाने के साथ ही उनके रिस्पांस टाइम को निश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में 104 टेली कांस्लटेंसी सेवा सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा भी उन्होंने की। बताया गया कि इस योजना के तहत औसतन 300 काल प्रतिदिन प्राप्त हो रही है। जबकि विभाग लगभग चार हजार लोगों से संपर्क कर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दे रहा है। बैठक में स्वास्थ्य सचिव स्वास्थ्य राधिका झा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक सोनिका, महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा आशीष श्रीवास्तव, स्वास्थ्य महानिदेशक डा. शैलजा भट्ट, अपर सचिव चिकित्सा शिक्षा अरूणेंद्र सिंह चौहान, स्वास्थ्य निदेशक डा. मीतू शाह, निदेशक एनएचएम डा. सरोज नैथानी, डा. विनीता शाह, अपर निदेशक चिकित्सा शिक्षा डा. आशुतोष सयाना सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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