ध्रुव रौतेला को मीडिया सलाहकार समिति की जिम्मेदारी: धामी सरकार ने संगठन के सक्रिय चेहरों को शासन में दी जगह

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देहरादून। उत्तराखंड में कैबिनेट विस्तार के महज कुछ दिनों बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने अब संगठनात्मक स्तर पर दायित्व बांटने शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को जारी आदेशों के माध्यम से विभिन्न आयोगों, परिषदों और समितियों में 14 वरिष्ठ नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। गृह एवं गोपन सचिव शैलेश बगौली की ओर से इन नियुक्तियों के संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। नई जिम्मेदारियों में देहरादून के कुलदीप सुटोला को राज्य स्तरीय खेल परिषद का अध्यक्ष बनाया गया है। नैनीताल के ध्रुव रौतेला को मीडिया सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष बनाया गया है। चंपावत की हरिप्रिया जोशी को राज्य महिला आयोग में जगह दी गई है, जबकि टिहरी के विनोद सुयाल को राज्य युवा कल्याण सलाहकार परिषद में नियुक्त किया गया है।

चंपावत के मुकेश महराना को चाय विकास सलाहकार परिषद में शामिल किया गया है। देहरादून की चारु कोठारी को राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद में, चमोली के प्रेम सिंह राणा को जनजाति आयोग में, टिहरी के खेम सिंह चौहान को ओबीसी आयोग कल्याण परिषद में और टिहरी की ही सोना सजवाण को जड़ी-बूटी सलाहकार समिति में जिम्मेदारी सौंपी गई है। अल्मोड़ा के गोविंद पिलखवात को हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद में, देहरादून के बलजीत सोनी को अल्पसंख्यक आयोग में और काशीपुर की सीमा चौहान को मत्स्य विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा वरिष्ठ भाजपा नेता भावना मेहरा और अशोक वर्मा को भी विभिन्न समितियों में महत्वपूर्ण दायित्व दिए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने सभी नवनियुक्त दायित्वधारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई जिम्मेदारियों के साथ ये नेता अपने-अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य करेंगे और सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग करेंगे। कैबिनेट विस्तार के बाद यह पहला बड़ा कदम माना जा रहा है, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ और सक्रिय कार्यकर्ताओं को विभिन्न आयोगों और परिषदों में जगह दी गई है। इन नियुक्तियों से भाजपा संगठन में नई ऊर्जा का संचार होने की उम्मीद है। विशेष रूप से खेल परिषद, महिला आयोग, युवा कल्याण परिषद, जनजाति आयोग, ओबीसी कल्याण परिषद और अल्पसंख्यक आयोग जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं में नए चेहरों की नियुक्ति से इन क्षेत्रों में कार्यों को गति मिलने की संभावना है। राज्य सरकार का यह कदम उन कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करने वाला माना जा रहा है जो लंबे समय से पार्टी के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे थे। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में और भी कई समितियों और आयोगों में नियुक्तियां की जा सकती हैं, जिससे संगठन को और मजबूती मिलेगी।