देवभूमि की सशक्त नारी: 70 हजार स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अब बन रही हैं सफल उद्यमी

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देहरादून। उत्तराखण्ड की पहाड़ियों में अब केवल प्रकृति की सुंदरता ही नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की नई गूंज भी सुनाई दे रही है। राज्य सरकार की प्रभावी योजनाओं और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के 'सशक्त महिला, समृद्ध राज्य' के संकल्प ने धरातल पर रंग दिखाना शुरू कर दिया है। आज प्रदेश की 5 लाख से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से अपनी किस्मत खुद लिख रही हैं।

आंकड़े गवाह हैं कि राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लगभग 70,000 से अधिक स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं। इन समूहों से जुड़ी महिलाएं अब केवल चूल्हे-चौके तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कृषि, सिलाई-कढ़ाई, पोल्ट्री फार्मिंग और स्थानीय उत्पादों के प्रसंस्करण के जरिए उद्यमी बन रही हैं। राज्य सरकार ने निराश्रित और एकल महिलाओं के स्वाभिमान की रक्षा के लिए 'मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना' के तहत बड़ी राहत दी है। इस योजना में ₹2 लाख तक के व्यवसाय पर सरकार द्वारा 75% (अधिकतम ₹1.5 लाख) की सब्सिडी दी जा रही है। इस अनुदान ने उन महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा होने का साहस दिया है, जो आर्थिक तंगी के कारण अपना काम शुरू नहीं कर पा रही थीं। 'लखपति दीदी' योजना उत्तराखण्ड में एक ब्रांड बन चुकी है। अब तक 1.68 लाख से अधिक महिलाएं इस श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं, जिनकी वार्षिक आय ₹1 लाख से अधिक है। ब्लॉक स्तर पर मिलने वाले वित्तीय अनुदान और आसान ऋण ने ग्रामीण महिलाओं के लिए निवेश की राह आसान कर दी है। सिर्फ आर्थिक मदद ही नहीं, बल्कि कौशल विकास पर भी सरकार का विशेष फोकस है। महिलाओं को आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षित किया जा रहा है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आय का बड़ा स्रोत। स्थानीय स्तर पर कौशल विकास के जरिए स्वरोजगार। पहाड़ी उत्पादों (जैसे मंडुआ, झंगोरा) की पैकेजिंग और मार्केटिंग। 5 लाख+ महिलाएं सीधे तौर पर स्वरोजगार से जुड़ीं। ₹1.5 लाख तक का अनुदान एकल महिलाओं के व्यवसाय के लिए। 75% सब्सिडी का लाभ पात्र महिलाओं को। ब्लॉक स्तर पर वित्तीय सहायता और ऋण की सुलभ सुविधा। उत्तराखण्ड की महिलाओं का यह आर्थिक रूपांतरण न केवल उनके परिवारों को मजबूती दे रहा है, बल्कि राज्य की जीडीपी में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। सरकारी प्रयासों और महिलाओं की मेहनत का यह संगम देवभूमि को 'आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड' की ओर तेजी से अग्रसर कर रहा है।