डॉ. धन सिंह रावत बने अल्मोड़ा के प्रभारी मंत्री, शिक्षा और स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन पर रहेगा विशेष फोकस

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देहरादून। कैबिनेट विस्तार के बाद उत्तराखंड सरकार ने मंत्रियों को जिलों का प्रभारी बनाने का नया आदेश जारी कर दिया है। नियोजन विभाग ने शुक्रवार को यह आदेश जारी किया, जिसमें सभी मंत्रियों को विभिन्न जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब ज्यादातर मंत्रियों पर केवल एक जिले का प्रभार है, जबकि दो मंत्रियों को दो-दो जिलों की जिम्मेदारी दी गई है।

प्रमुख सचिव नियोजन आर. मीनाक्षी सुंदरम के हस्ताक्षर से जारी आदेश के अनुसार, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज को हरिद्वार जिले का प्रभारी बनाया गया है। गणेश जोशी को टिहरी गढ़वाल और रुद्रप्रयाग, डॉ. धन सिंह रावत को अल्मोड़ा, सुबोध उनियाल को देहरादून, रेखा आर्य को पिथौरागढ़, सौरभ बहुगुणा को उत्तरकाशी, खजान दास को नैनीताल, भरत चौधरी को चमोली और चंपावत, मदन कौशिक को पौड़ी गढ़वाल, प्रदीप बत्रा को ऊधम सिंह नगर और राम सिंह कैड़ा को बागेश्वर जिले का प्रभारी मंत्री बनाया गया है। कैबिनेट विस्तार से पहले छह कैबिनेट मंत्री थे, जिस कारण कई मंत्रियों पर दो-दो जिलों का अतिरिक्त प्रभार था। अब पांच नए मंत्रियों के शामिल होने के बाद जिला प्रभारी का कार्यभार हल्का हो गया है। इससे मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में जनता की समस्याओं, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और पार्टी कार्यकर्ताओं से संपर्क के लिए अधिक समय मिल सकेगा। सरकार का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था फायदेमंद साबित होगी। प्रभारी मंत्री अब नियमित रूप से अपने जिलों का दौरा कर विकास कार्यों की समीक्षा कर सकेंगे, स्थानीय मुद्दों का त्वरित समाधान कर सकेंगे और जनता के बीच सरकार की योजनाओं को बेहतर तरीके से पहुंचा सकेंगे। नए प्रभारों के साथ मंत्रियों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। वे अब जिला स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर विकास की गति तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों को रफ्तार देने की दिशा में उठाया गया है। नियोजन विभाग के इस आदेश के बाद अब सभी मंत्रियों को अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में सक्रिय होने की उम्मीद है। प्रदेशवासी उम्मीद करते हैं कि नए प्रभार से जिला स्तर पर विकास कार्यों में तेजी आएगी और आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।