देहरादून। विश्व पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में आज शनिवार को उत्तराखंड सहित पूरे विश्व में 'अर्थ ऑवर' मनाया जाएगा। रात 8:30 बजे से 9:30 बजे तक एक घंटे के लिए प्रदेशभर में गैर-जरूरी लाइटें और विद्युत उपकरण बंद रखे जाएंगे। उत्तराखंड शासन ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस दौरान अनावश्यक बिजली का उपयोग न करें। घरों, दफ्तरों, होटलों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर केवल जरूरी लाइटें ही जलती रहेंगी। सड़कों पर स्ट्रीट लाइट्स और ट्रैफिक सिग्नल जैसी जरूरी व्यवस्थाएं चालू रहेंगी, लेकिन विज्ञापन बोर्ड, सजावटी लाइटिंग और गैर-जरूरी विद्युत उपकरण बंद रखने का आग्रह किया गया है। यह अभियान विश्व वन्यजीव कोष (वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर - WWF) की ओर से आयोजित किया जा रहा है। WWF नई दिल्ली के नेतृत्व में यह वैश्विक पहल प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से निपटने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से शुरू की गई है। अर्थ ऑवर के माध्यम से न केवल बिजली की बचत होती है, बल्कि लोगों में पर्यावरण संरक्षण की जागरूकता भी बढ़ती है।
उत्तराखंड में इस अभियान को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विभिन्न विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने कार्यालयों और अधीनस्थ संस्थानों में इस दौरान बिजली बचत सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री कार्यालय, सचिवालय, जिला प्रशासन और नगर निगमों ने भी पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया है। पर्यावरणविदों का कहना है कि अर्थ ऑवर जैसी छोटी-छोटी पहल अगर नियमित रूप से अपनाई जाएं तो इससे बड़ी मात्रा में कार्बन उत्सर्जन कम किया जा सकता है। एक घंटे की बिजली बचत से लाखों यूनिट बिजली की बचत होती है, जो कोयला आधारित बिजली उत्पादन पर निर्भरता को कम करती है और पर्यावरण को स्वच्छ रखने में मदद करती है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस मुहिम में सक्रिय रूप से भाग लें। सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोग इस अभियान को शेयर कर रहे हैं और एक-दूसरे को जागरूक कर रहे हैं। बच्चों को भी इसमें शामिल किया जा रहा है ताकि आने वाली पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील बने। अर्थ ऑवर न केवल बिजली बचाने का प्रतीक है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े परिवर्तन ला सकते हैं। उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखने के लिए यह कदम और भी प्रासंगिक है।

