यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 15 आईएएस अफसर इधर से उधर, जौनपुर-मऊ के सीडीओ समेत कई अधिकारियों के तबादले

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश शासन ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक चुस्त, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से देर रात एक बड़ा फेरबदल किया है। शासन द्वारा जारी नई तबादला सूची के अनुसार 15 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में फेरबदल किया गया है। इस पुनर्गठन के तहत जौनपुर और मऊ जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों के साथ-साथ राज्य के कई महत्वपूर्ण विभागों के विभागाध्यक्षों को बदला गया है।

उत्तर प्रदेश शासन ने शनिवार को प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 15 आईएएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। तबादला सूची में जौनपुर और मऊ के मुख्य विकास अधिकारियों समेत कई महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। पंचायती राज, चिकित्सा शिक्षा, भूतत्व एवं खनिकर्म, मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन और अन्य विभागों में भी अधिकारियों की तैनाती बदली गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इसी आदेश के साथ 23 पीसीएस अधिकारियों के तबादले भी किए गए हैं। तबादला सूची में सबसे प्रमुख बदलाव जौनपुर और मऊ के मुख्य विकास अधिकारी पद पर हुआ है। जौनपुर के सीडीओ ध्रुव खांडिया को अब मऊ का मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया है। वहीं मऊ के सीडीओ विवेक कुमार श्रीवास्तव को प्रयागराज स्थित राजस्व परिषद में सदस्य (न्यायिक) की जिम्मेदारी दी गई है। जौनपुर में अब विकास योजनाओं और जिला स्तरीय विकास प्रशासन की जिम्मेदारी नरेंद्र बहादुर सिंह संभालेंगे। वह इससे पहले लखीमपुर खीरी में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के पद पर तैनात थे। इस बदलाव के साथ दोनों जिलों के विकास प्रशासन में नए अधिकारियों की तैनाती हुई है। शासन के फेरबदल का असर कई महत्वपूर्ण विभागों पर भी पड़ा है। श्रीहरि प्रताप शाही को पंचायती राज का निदेशक बनाया गया है। वहीं अमित कुमार सिंह को निदेशक पंचायती राज के पद से हटाकर प्रबंध निदेशक, पीसीडीएफ की जिम्मेदारी दी गई है। प्रकाश बिंदु को प्रबंध निदेशक, पीसीडीएफ से हटाकर सचिव, चिकित्सा शिक्षा बनाया गया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग में भी नई जिम्मेदारियों के साथ प्रशासनिक स्तर पर बदलाव किया गया है। सचिन कुमार सिंह को विशेष सचिव, चिकित्सा शिक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग में भी अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। डॉ. उज्ज्वल कुमार को उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक पद से हटाकर विशेष सचिव एवं निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं जे. रीभा को विशेष सचिव, भूतत्व एवं खनिकर्म से स्थानांतरित कर उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। तबादला सूची में उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद और कृषि से जुड़े विभागों में भी बदलाव शामिल हैं। राकेश कुमार सिंह को उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद में अपर आयुक्त तथा नीरज शुक्ला को प्रबंध निदेशक, पीसीएफ बनाया गया है। डॉ. चंद्र भूषण को डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी में अपर निदेशक की जिम्मेदारी दी गई है। प्रशासनिक फेरबदल का असर उच्च शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े प्रमुख संस्थानों पर भी पड़ा है। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के कुलसचिवों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव किया गया है। अर्चना गहरवार को एकेटीयू का कुलसचिव तथा रीना सिंह को केजीएमयू का कुलसचिव बनाया गया है। शासन के इस फेरबदल से जिलों के विकास प्रशासन के साथ कई महत्वपूर्ण विभागों और संस्थानों में अधिकारियों की नई तैनाती हुई है। अब नई जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों के सामने अपने-अपने विभागों और जिलों में योजनाओं तथा प्रशासनिक कार्यों को आगे बढ़ाने की चुनौती होगी।