देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड के समग्र विकास की नई इबारत लिखने के लिए 'भारत की जनगणना 2027' का औपचारिक शंखनाद हो गया है। शनिवार से प्रदेशभर में जनगणना के प्रथम चरण यानी 'हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन' का शुभारंभ किया गया। इस महाअभियान के तहत राज्य सरकार और केंद्र के दिशा-निर्देशन में प्रगणक और पर्यवेक्षक घर-घर जाकर भवनों का सूचीकरण और परिवारों का विवरण जुटाने में जुट गए हैं।
राज्य के विभिन्न जनपदों में पहले ही दिन जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। अल्मोड़ा जनपद के कंखोला (हवालबाग) क्षेत्र में सुपरवाइजर तारा दत्त भट्ट और प्रगणक भगवत सिंह बगड़वाल ने इस महत्वपूर्ण कार्य का श्रीगणेश किया। वहीं, अल्मोड़ा नगर निगम के लक्ष्मेश्वर वार्ड में भी प्रगणक दीपक सिंह ने सक्रियता दिखाई। रुद्रप्रयाग जनपद की प्रतापनगर तहसील के सुदूरवर्ती गांव 'गोदड़ी' में भी विषम परिस्थितियों के बावजूद टीम ने उत्साह के साथ डेटा संकलन शुरू किया। मैदानी क्षेत्र खटीमा में भी प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर भवनों के चिन्हांकन का कार्य पूरी निष्ठा के साथ किया जा रहा है। जनगणना का यह चरण केवल मकानों की गिनती तक सीमित नहीं है। हाउस लिस्टिंग के दौरान संकलित किए गए आंकड़े भविष्य में राज्य की कल्याणकारी योजनाओं, बुनियादी ढांचे के विकास और सटीक नीति निर्धारण के लिए 'ब्लूप्रिंट' का कार्य करेंगे। एकत्र की गई जानकारी के आधार पर ही यह तय होगा कि आने वाले दशकों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की योजनाएं किस दिशा में आगे बढ़ेंगी। आम नागरिकों की सहायता और जनगणना प्रक्रिया से जुड़ी शंकाओं के समाधान के लिए सरकार ने टोल-फ्री हेल्पलाइन संख्या 1855 जारी की है। यह हेल्पलाइन सोमवार से शुक्रवार, सुबह 9:30 बजे से शाम 6:00 बजे तक नागरिकों को जानकारी और मार्गदर्शन प्रदान करेगी। प्रशासन ने समस्त प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे जनगणना के लिए घर पहुंचने वाले प्रगणकों को पूर्ण सहयोग प्रदान करें। सटीक और सही जानकारी देना न केवल एक नागरिक जिम्मेदारी है, बल्कि यह इस राष्ट्रीय अभियान की सफलता के लिए अनिवार्य है। प्रगणकों की टीम क्षेत्र में पहुंचकर परिवारों से संवाद स्थापित कर रही है, ताकि विकास की धारा को प्रदेश के अंतिम छोर तक पहुंचाया जा सके।

