Monday, February 6, 2023
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नशे की दलदल में धकेलने के मंसूबों को दिल्ली पुलिस ने किया नाकाम, पहले भी जब्‍त की गई थी 1200 करोड़ की ड्रग

नई दिल्‍ली. भारत को नशे की दलदल में धकेलने के मंसूबों को दिल्ली पुलिस ने नाकाम कर दिया है. गुप्‍त सूचना के आधार पर दिल्‍ली पुलिस की स्‍पेशल सेल ने मुंबई में स्थित नावा शेवा बंदरगाह से 20 टन हेरोइन बरामद किया है. दिल्‍ली पुलिस द्वारा जब्‍त की गई हेरोइन की यह अब तक की सबसे बड़ी खेप है. नशे की इस खेप का बाजार मूल्‍य तकरीबन ₹1725 करोड़ आंका गया है.ड्रग्‍स की इतनी बड़ी मात्रा देखकर पुलिस भी भौंचक्‍की रह गई. सबसे बड़ा सवाल यह है कि हेरोइन की इतनी बड़ी खेप नावा शेवा बंदरगाह तक कैसे पहुंच गई?

दिल्‍ली पुलिस ने ड्रग माफियाओं के बड़े खेल को नाकाम कर दिया है. पुलिस को नशी की बड़ी खेप भारत आने की गुप्‍त सूचना मिली थी. इसके बाद स्‍पेशल सेल की एक टीम ने नावा शेवा बंदरगाह से एक कंटेनर को जब्‍त किया. जब इसकी छानबीन की गई तो पुलिस के भी होश उड़ गए. टीम ने कंटेनर से तकरीबन 20 टन हेरोइन बरामद की. पुलिस सूत्रों ने बताया कि अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में इसकी कीमत तकरीबन ₹1725 करोड़ है. पुलिस के समक्ष सबसे बड़ा सवाल यह है कि नशे की इतनी बड़ी खेप को किसने मंगवाया था? साथ ही यह भी सवाल उठने लगे हैं कि तमाम तरह की सुरक्षा व्‍यवस्‍थाओं के बीच नशे की खेप भारतीय सीमा में कैसे प्रवेश की गई? क्‍या किसी भी स्‍तर पर इसकी छानबीन नहीं की गई थी.

कुछ दिनों पहले जब्‍त की गई थी 1200 करोड़ की ड्रग
दिल्‍ली पुलिस ने कुछ दिनों पहले ही 1200 करोड़ रुपये की हेरोइन जब्‍त की थी. स्‍पेशल सेल ने दो अफगान नागरिकों को गिरफ्तार नार्को टेरर की बड़ी साजिश को नाकाम करने में सफलता पाई थी. अब गुप्‍त सूचना के आधार पर मुंबई स्थित नावा शेवा बंदरगाह से 1725 करोड़ रुपये मूल्‍य की हेरोइन जब्‍त की गई है. पूछताछ में अफगान नागरिकों ने खुलासा किया था की मुंबई पोर्ट पर भी कंटेनर में ड्रग मौजूद है. इस सूचना के आधार पर दिल्‍ली पुलिस स्‍पेशल सेल की टीम छानबीन करने मुंबई पहुंची थी, जहां 20 टन हेरोइन मिला.

यह मामला इसलिए बेहद संवेदनशील बताया जा रहा है, 2 दिन पहले ही दुनिया का सबसे बड़ा ड्रग माफिया माने जाने वाले अफगानिस्तान नागरिक नूरजही को अमेरिकी जेल से आजाद किया गया है. अस्‍सी के दशक में नूर को अफगानिस्तान के संगठनों से लेकर विश्व के कई देशों तक ड्रग्स कारोबार का आका बताया जाता था. उसने अमेरिका के लिए भी ड्रग्स एजेंट बनकर सालों काम किया. फिर अमेरिकी एजेंटों से कुछ अनबन के चलते नूर को अमेरिका में ही जेल में डाल दिया गया था. अब नूर की रिहाई के बाद एक बार फिर से ड्रग तस्‍करी का खतरा बढ़ने का अंदेशा जताया जा रहा है.

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