लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के टैक्सी चालकों और किसानों के लिए दो क्रांतिकारी योजनाओं ‘भारत टैक्सी’ सेवा और ‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ का शुभारंभ किया है। सरकार का यह कदम प्रदेश के लाखों युवाओं, ड्राइवरों और लघु-सीमांत किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा।
उत्तर प्रदेश सरकार ने टैक्सी चालकों और किसानों से जुड़ी दो अहम पहलों की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘भारत टैक्सी’ सेवा और ‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ का शुभारंभ करते हुए परिवहन क्षेत्र से जुड़े चालकों और कृषि क्षेत्र के किसानों के लिए नई व्यवस्थाओं की जानकारी दी। सरकार के मुताबिक, ‘भारत टैक्सी’ के माध्यम से दोपहिया, तिपहिया और टैक्सी चालक बिना कमीशन के प्लेटफॉर्म से जुड़ सकेंगे, जबकि उन्हें पांच लाख रुपये तक की सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। ‘भारत टैक्सी’ का संचालन फिलहाल लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में शुरू किया गया है। इसके विस्तार के लिए विभिन्न संस्थानों के साथ समझौते भी किए गए हैं। इनमें लखनऊ हवाई अड्डा, लखनऊ मेट्रो और लखनऊ पुलिस समेत अन्य संस्थान शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से चालकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिलेगा और कमीशन संबंधी व्यवस्था में राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने प्रयागराज महाकुंभ-2025 का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान बड़ी संख्या में युवाओं ने राइड-हेलिंग सेवाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं को संगम, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तक पहुंचाने में भूमिका निभाई थी। इसी अनुभव को देखते हुए टैक्सी और अन्य परिवहन सेवाओं को व्यवस्थित प्लेटफॉर्म से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया गया। दूसरी ओर, किसानों के लिए शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ के तहत सहकारी ग्राम्य विकास बैंक से मिलने वाले ऋण की ब्याज दर को 11 प्रतिशत से घटाकर छह प्रतिशत किए जाने की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री के अनुसार, खेती और कृषि मशीनरी से जुड़ी जरूरतों के लिए किसानों को दीर्घकालिक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार ने आने वाले समय में पांच लाख लघु एवं सीमांत किसानों को इससे लाभान्वित करने का लक्ष्य बताया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार के पिछले कार्यकाल के दौरान किसानों के लिए उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद से अब तक 86 लाख लघु एवं सीमांत किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज माफ किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय से लंबित कई सिंचाई परियोजनाओं को पूरा कराया गया है। गन्ना किसानों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 122 चीनी मिलें संचालित हैं और इनमें से 100 से अधिक मिलें गन्ने की खरीद के चौथे दिन ही भुगतान कर रही हैं। उनके अनुसार, पिछले नौ वर्षों में किसानों को 3.30 लाख करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान किया गया है। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर 29 चीनी मिलें बंद करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इनमें 21 मिलें बेहद कम कीमत पर बेची गई थीं। इन आरोपों पर संबंधित राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है। वहीं, सरकार की नई पहलों के जरिए एक ओर परिवहन क्षेत्र में चालकों की सामाजिक सुरक्षा और दूसरी ओर कृषि क्षेत्र में सस्ता ऋण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।

