जमशेदपुर। झारखंड के जमशेदपुर स्थित डिमना लेक में गुरुवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के दो जूनियर डॉक्टरों की डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि एक डॉक्टर का मोबाइल पानी में गिर गया था। उसे निकालने के प्रयास में वह गहरे पानी में फंस गया। साथी को बचाने के लिए दूसरा डॉक्टर भी पानी में उतरा, लेकिन वह भी डूब गया। इस हादसे के बाद मेडिकल कॉलेज और पूरे चिकित्सा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
जानकारी के अनुसार, महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर समीर (26) और सक्षम सिंह (22) गुरुवार रात करीब 11 बजे अपनी ड्यूटी समाप्त करने के बाद अपने तीसरे साथी यश के साथ डिमना लेक पहुंचे थे। इसी दौरान एक युवक का मोबाइल पानी में गिर गया। मोबाइल निकालने के लिए वह पानी में उतरा, लेकिन कुछ ही देर में उसका संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी की ओर जाने लगा। अपने साथी को डूबता देख दूसरा डॉक्टर बिना देर किए उसे बचाने के लिए पानी में कूद पड़ा। हालांकि वह भी गहराई और तेज बहाव के कारण खुद को संभाल नहीं सका। देखते ही देखते दोनों डॉक्टर पानी में समा गए। उनके साथ मौजूद तीसरे साथी यश ने किसी तरह खुद को सुरक्षित रखा और तत्काल घटना की सूचना अस्पताल तथा स्थानीय प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। देर रात तक चले रेस्क्यू अभियान में सफलता नहीं मिली। शुक्रवार सुबह फिर से तलाशी अभियान शुरू किया गया। कई घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने दोनों जूनियर डॉक्टरों के शव डिमना लेक से बाहर निकाले। मृतकों की पहचान काशीडीह निवासी 26 वर्षीय समीर और डाल्टनगंज के बिनेका गांव निवासी 22 वर्षीय सक्षम सिंह के रूप में हुई है। दोनों एमजीएम मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर के रूप में कार्यरत थे और अपने व्यवहार व सेवा भावना के कारण साथियों के बीच काफी लोकप्रिय थे। घटना के बाद एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर में शोक का माहौल है। डॉक्टरों, मेडिकल छात्रों और अस्पताल कर्मियों ने दोनों दिवंगत साथियों को श्रद्धांजलि दी। परिजनों के बीच भी इस घटना के बाद मातम पसरा हुआ है। ग्रामीण एसपी शुभम खंडेवाल ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला डूबने का प्रतीत होता है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जा रहा है कि तीनों डॉक्टर आधी रात के बाद डिमना लेक क्यों पहुंचे थे और हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर रही है और पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर जलाशयों और गहरे जल क्षेत्रों में सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता को उजागर किया है। एक साथी को बचाने की कोशिश में दो युवा डॉक्टरों की असमय मौत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है।

