वोटर आईडी और मोबाइल नंबर से करें लॉगिन, चुनाव आयोग की वेबसाइट पर देखें अपनी प्रोफाइल

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देहरादून। उत्तराखंड में चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लेकर आम मतदाताओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। यदि आपके क्षेत्र में अभी तक बूथ लेवल ऑफिसर नहीं पहुंचे हैं या किसी कारणवश आपका संपर्क उनसे नहीं हो पा रहा है, तो अब आपको परेशान होने की कूटनीतिक जरूरत नहीं है। चुनाव आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए पूरी प्रक्रिया को बेहद आसान और डिजिटल कर दिया है। अब कोई भी मतदाता घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से अपना गणना प्रपत्र भर सकता है। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर दो बेहद सरल और सुरक्षित विकल्प उपलब्ध करा दिए हैं।

चुनाव आयोग के अनुसार, इस डिजिटल सुविधा का लाभ उठाने के लिए मतदाताओं को आयोग की आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in पर जाना होगा। वेबसाइट के होमपेज पर जाते ही नागरिकों को दो मुख्य विकल्प दिखाई देंगे। वेबसाइट के होमपेज पर सबसे ऊपर एक क्यूआर (QR) कोड दिया गया है। मतदाता इस कोड को अपने स्मार्टफोन से स्कैन करके सीधे चुनाव आयोग का आधिकारिक मोबाइल एप डाउनलोड कर सकते हैं। इस एप के जरिए मोबाइल से ही गणना प्रपत्र को आसानी से भरा जा सकता है। वेबसाइट पर दूसरा विकल्प सीधा एसआईआर का लिंक है, जिसमें दो और महत्वपूर्ण उप-लिंक दिए गए हैं। पहला लिंक 'Fill Enumeration Form' का है, जिस पर क्लिक करके नया प्रपत्र भरा जा सकता है। दूसरा लिंक उन लोगों के लिए है, जो वर्ष 2003 की ऐतिहासिक मतदाता सूची में अपना नाम तलाशना चाहते हैं। ऑनलाइन फॉर्म भरने की प्रक्रिया बेहद सुरक्षित और पारदर्शी है। मतदाता जैसे ही 'Fill Enumeration Form' वाले लिंक पर क्लिक करेंगे, उन्हें अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर या फिर वोटर आईडी कार्ड नंबर के जरिए लॉगिन करना होगा। लॉगिन करते ही मतदाता की पूरी प्रोफाइल और डिटेल्स स्क्रीन पर सामने आ जाएगी। इसके बाद, नीचे दिए गए फॉर्म भरने के लिंक पर क्लिक करके मांगी गई जरूरी जानकारियां दर्ज करनी होंगी। विवरण भरने के बाद मतदाता को अपनी एक साफ पासपोर्ट साइज फोटो वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी और सबमिट बटन दबाना होगा। इस डिजिटल सिस्टम की सबसे खास बात यह है कि फॉर्म सबमिट होने के बाद मतदाता को एक ट्रैकिंग आईडी मिलेगी, जिससे वे घर बैठे देख सकेंगे कि उनका गणना प्रपत्र सत्यापन के कौन से चरण में पहुंच चुका है। इस डिजिटल मुहिम के बीच, उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में बीएलओ के माध्यम से गणना प्रपत्रों के भौतिक वितरण का काम भी तेजी से चल रहा है। प्रदेश में अब तक कुल 50 प्रतिशत से अधिक गणना प्रपत्र मतदाताओं तक पहुंचाए जा चुके हैं। हालांकि, जिलों के प्रदर्शन की बात करें तो सीमांत जिला पिथौरागढ़ इस सूची में सबसे अव्वल है, जबकि प्रदेश की राजधानी देहरादून का प्रदर्शन सबसे निराशाजनक रहा है। चुनाव आयोग ने देहरादून सहित कम वितरण वाले सभी जिलों के मतदाताओं से अपील की है कि वे बीएलओ का इंतजार करने के बजाय समय बचाने के लिए आयोग के इन डिजिटल विकल्पों का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें और मतदाता सूची पुनरीक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

उत्तराखंड के सभी जिलों में फॉर्म वितरण का रिपोर्ट कार्ड:
हरिद्वार में 51.97%, नैनीताल में 49.85%, अल्मोड़ा में 59.81%, यूएस नगर में 44.69%, पिथौरागढ़ में 81.52%, बागेश्वर में 50.95%, चंपावत में 72.75%, चमोली में 43.97%, उत्तरकाशी में 58.49%, रुद्रप्रयाग में 47.07%, टिहरी में 67.65%, पौड़ी में 56.57%, दून में 39.18% फार्म बांटे गए।