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रांची में जारी छात्र आंदोलन अब केवल रोजगार नहीं बल्कि संस्थागत पारदर्शिता की लड़ाई: अभिजीत दीपके

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रांची। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन को अब राष्ट्रीय स्तर पर और समर्थन मिलने लगा है। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने रांची में आंदोलनरत छात्रों के पक्ष में खुलकर उतरने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि सीजेपी का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही झारखंड पहुंचेगा और जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना दे रहे छात्रों की हर जायज मांग का समर्थन करेगा। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में बुधवार को सीजेपी की कोर कमेटी की बैठक से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए दीपके ने कहा कि रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 29 जुलाई से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे नौकरी अभ्यर्थियों का आंदोलन केवल रोजगार का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि सीजेपी निश्चित रूप से झारखंड जाएगी और आंदोलनरत छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी। उनके अनुसार, संगठन छात्रों की हर मांग का समर्थन करेगा और लोकतांत्रिक तरीके से उनके संघर्ष को मजबूती देगा।

दीपके ने दावा किया कि उनके संगठन को देशभर में केवल शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर ही नहीं, बल्कि इसलिए भी व्यापक समर्थन मिला क्योंकि लोगों का राजनीतिक व्यवस्था, न्यायपालिका, मीडिया और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं पर भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे आंदोलन आगे बढ़ा, यह केवल परीक्षा या भर्ती का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि संस्थाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता के विश्वास को बहाल करने का अभियान बन गया।  सीजेपी संस्थापक ने कहा कि मौजूदा समय में देश को किसी नई राजनीतिक पार्टी से अधिक एक मजबूत 'पब्लिक प्रेशर ग्रुप' की जरूरत है, जो सरकारों और संस्थाओं को जवाबदेह बना सके। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका संगठन इसी भूमिका में काम करने पर केंद्रित है। दीपके ने झारखंड सरकार से छात्र प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की। साथ ही आंदोलन के दौरान घायल हुए छात्रों को कानूनी और चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने की भी वकालत की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक ढंग से अपनी मांग रखने वाले युवाओं के साथ संवेदनशील व्यवहार होना चाहिए। राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के सवाल पर दीपके ने कहा कि इस विषय को लेकर मीडिया संगठन से अधिक उत्साहित नजर आता है। उन्होंने मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में जनता का भरोसा मजबूत करना सबसे बड़ी जरूरत है। फिलहाल सीजेपी स्वयं को एक जनदबाव समूह के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। झारखंड में छात्र आंदोलन को लगातार मिल रहे विभिन्न संगठनों के समर्थन के बीच अब CJP की प्रस्तावित भागीदारी ने इस आंदोलन को नई राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बना दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि संगठन का प्रतिनिधिमंडल कब रांची पहुंचता है और आंदोलन की दिशा पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है।