Friday, June 14, 2024

भारतीय तटरक्षक बल के 24वें प्रमुख बने वीएस पठानिया! ग्रहण किया पदभार, 36 वर्षों से अधिक समय के कार्यकाल में संभाली कई जिम्मेदारियां

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नई दिल्ली। महानिदेशक वी. एस. पठानिया ने विगत दिवस भारतीय तटरक्षक बल के 24वें प्रमुख के रूप में पदभार ग्रहण किया। वह वेलिंगटन के डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और नई दिल्ली के नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। फ्लैग ऑफिसर पठानिया एक योग्य हेलीकॉप्टर पायलट हैं और उन्होंने मद्रास विश्वविद्यालय से रक्षा एवं सामरिक अध्ययन में परास्नातक डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने यूएस कोस्ट गार्ड के साथ खोज व बचाव तथा बंदरगाह संचालन में विशेषज्ञता हासिल की है। अपने 36 वर्षों से अधिक समय के शानदार करियर में उन्होंने कई प्रमुख नियुक्तियों पर कार्य किया है, जिनमें से प्रमुख ये हैं- गांधी नगर में कमांडर तटरक्षक क्षेत्र (उत्तर पश्चिम), मुंबई में कमांडर तटरक्षक क्षेत्र (पश्चिम), उप महानिदेशक (एचआरडी) तटरक्षक मुख्यालय तथा नई दिल्ली में उप महानिदेशक (नीति और योजनाएं)। फ्लैग ऑफिसर श्री पठानिया ने तटरक्षक जहाजों के सभी वर्गों अर्थात् तटवर्ती गश्ती पोत ‘रानीजिंदन’, अपतटीय गश्ती जहाज ‘विग्रह’ और उन्नत अपतटीय गश्ती पोत ‘सारंग’ की कमान संभाली है। श्री पठानिया ने नई दिल्ली में तटरक्षक मुख्यालय के प्रधान निदेशक (एचआरडी), तटरक्षक मुख्यालय नई दिल्ली में प्रधान निदेशक (नीति एवं योजना), तटरक्षक क्षेत्र (उत्तर पश्चिम) मुख्यालय में चीफ ऑफ स्टाफ, मुख्य कर्मचारी अधिकारी (संचालन), मुख्यालय तटरक्षक क्षेत्र (पश्चिम) में मुख्य कर्मचारी अधिकारी (कार्मिक एवं प्रशासन), चेन्नई में तटरक्षक वायु स्टेशन पर कमांडिंग ऑफिसर, तटरक्षक मुख्यालय में निदेशक (कार्मिक) तथा संयुक्त निदेशक (विमानन) और चेन्नई में 848 स्क्वाड्रन के स्क्वाड्रन कमांडर के पदों पर कार्य किया है। फ्लैग ऑफिसर पठानिया को नवंबर 2019 में अपर महानिदेशक के पद पर पदोन्नत किया गया और उन्होंने विशाखापत्तनम में तटरक्षक कमांडर (पूर्वी समुद्र तट) के रूप में पदभार ग्रहण किया।  पूर्वी समुद्र तट पर उनकी शीर्ष निगरानी की अवधि के दौरान प्रमुख अभियानों में वृद्धि देखी गई, जिसमें हजारों करोड़ के सोने और कई टन दवाओं / मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम, प्रदूषण नियंत्रण अभियान, विदेशी तट रक्षक बलों के साथ संयुक्त अभ्यास, अवैध शिकार विरोधी अभियान और चक्रवातों/प्राकृतिक आपदाओं के दौरान मानवीय सहायता तथा मजबूत तटीय सुरक्षा जैसे सामूहिक बचाव अभियान शामिल थे। श्री पठानिया को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति का तटरक्षक पदक, वीरता के लिए तटरक्षक पदक तथा महानिदेशक भारतीय तट रक्षक प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया गया है। 

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