100 किलोग्राम से अधिक कचरा पैदा करने वाले संस्थानों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पोर्टल पर कराना होगा रजिस्ट्रेशन

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रांची। झारखंड की राजधानी रांची को अधिक स्वच्छ, स्वस्थ, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में रांची नगर निगम ने एक बेहद सख्त और ऐतिहासिक कदम उठाया है। शहर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को पूरी तरह वैज्ञानिक और पारदर्शी बनाने के लिए 'सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026' के तहत नए नियम लागू कर दिए गए हैं। अब शहर के सभी बड़े संस्थानों, होटलों, अपार्टमेंट्स और व्यावसायिक परिसरों के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडब्लूएम पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है।

इस महत्वपूर्ण अभियान को गति देने के लिए अपर नगर आयुक्त संजय कुमार की अध्यक्षता में शहर के विभिन्न बड़े संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें नियमों का पालन न करने वाले डिफॉल्टर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। अपर नगर आयुक्त संजय कुमार ने बैठक में स्पष्ट किया कि नियमों के अनुसार किन संस्थानों को 'बल्क वेस्ट जनरेटर'की श्रेणी में रखा गया है और जिन्हें पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना ही होगा। जिन संस्थानों का कुल निर्मित क्षेत्र  20,000 वर्गमीटर या उससे अधिक है। जहां प्रतिदिन 40,000 लीटर या उससे अधिक जल की खपत होती है। ऐसे संस्थान जहां रोजाना 100 किलोग्राम या उससे अधिक ठोस अपशिष्ट (कचरा) उत्पन्न होता है। नए नियमों के तहत, सभी चिन्हित बड़े संस्थानों के लिए अपने परिसर में चार अलग-अलग रंगों के डस्टबिन हरा, नीला, लाल और काला रखना अनिवार्य कर दिया गया है। संस्थानों को कचरा फेंकने के स्तर पर ही उसे अलग-अलग (पृथक्करण) करना होगा। इसके अलावा, नगर निगम ने आदेश दिया है कि सभी बड़े संस्थान अपने परिसर में उत्पन्न होने वाले गीले कचरे और बागवानी से निकलने वाले अपशिष्ट का स्वयं प्रसंस्करण सुनिश्चित करें। यदि कोई संस्था अपने स्तर पर ऐसा करने में सक्षम नहीं है, तो उसे नगर निगम द्वारा अधिकृत और पंजीकृत सेवा प्रदाता एजेंसी की मदद लेनी होगी और इसका प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। बैठक के दौरान नगर निगम के तकनीकी अधिकारियों ने सभी प्रतिनिधियों को एसडब्लूएम पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करने की पूरी प्रक्रिया का लाइव और विस्तृत प्रदर्शन करके दिखाया, ताकि किसी भी संस्थान को आवेदन करने में कोई परेशानी न हो। इस पोर्टल के माध्यम से शहर के बड़े संस्थानों द्वारा उत्पन्न कचरे के संग्रहण, पृथक्करण और वैज्ञानिक निस्तारण की प्रभावी और लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। इससे पूरी कचरा प्रबंधन प्रणाली अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और वैज्ञानिक बनेगी। अपर नगर आयुक्त ने साफ शब्दों में कहा कि सभी पात्र संस्थान बिना किसी देरी के अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें; नियमों की अनदेखी या लापरवाही बरतने वाले संस्थानों के विरुद्ध भारी जुर्माना और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।