बरेली। यूपी के बरेली में आंवला पुलिस ने अवैध हथियारों के एक बड़े अंतरप्रांतीय नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए सनसनीखेज कार्रवाई की है। मनौना गांव के पास एक लंबे समय से बंद पड़े ईंट भट्ठे की आड़ में चल रही अवैध असलहा बनाने वाली फैक्ट्री पर पुलिस ने देर रात छापेमारी कर चार शातिर आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। मौके से 12 देशी तमंचे, एक पौनिया, एक देशी रायफल, भारी मात्रा में कारतूस, असलहा बनाने के उपकरण और एक लाल रंग की ब्रेज़ा कार बरामद की गई है।
आंवला क्षेत्र में लंबे समय से बंद पड़े एक ईंट भट्ठे को अवैध हथियार बनाने और उनकी खरीद-फरोख्त का ठिकाना बना लिया गया था। पुलिस ने मंगलवार देर रात मुखबिर की सूचना पर छापा मारकर मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान पुलिस को 12 देशी तमंचे, एक पौनिया, एक देशी रायफल, कारतूस और बड़ी संख्या में हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से एक ब्रेजा कार और चार मोबाइल फोन भी कब्जे में लिए हैं। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार रात आंवला पुलिस क्षेत्र में गश्त और चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मनौना गांव से आगे स्थित बंद ईंट भट्ठे पर कुछ लोग अवैध हथियार बना रहे हैं। सूचना में यह भी बताया गया कि भट्ठे के पास एक लाल रंग की कार खड़ी है। इसके बाद पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और चार संदिग्धों को पकड़ लिया। तलाशी में 315 बोर के 12 अवैध देशी तमंचे, एक पौनिया, एक देशी रायफल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। इसके अलावा हथियार तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाली सात लोहे की नाल, दो ट्रिगर, पांच स्प्रिंग, एक ट्रिगर गार्ड और अन्य उपकरण भी पुलिस के हाथ लगे। बरामदगी के बाद पुलिस ने हथियार निर्माण के इस ठिकाने को लेकर आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान योगेंद्र प्रताप सिंह निवासी गोतरा पट्टी भौनी, थाना उसावां, बदायूं, रजत प्रताप सिंह उर्फ शंकर निवासी गोतरा पट्टी भौनी, रामगोपाल निवासी धीरावारी और अवधेश निवासी कमा गौटिया, थाना दातागंज, बदायूं के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में रामगोपाल और अवधेश ने कथित तौर पर बताया कि वे अवैध तमंचे बनाने के साथ पुराने तमंचों की मरम्मत भी करते थे। तैयार हथियारों को अधिक कीमत पर बेचकर मुनाफा कमाया जाता था। वहीं योगेंद्र और रजत ने कथित तौर पर बताया कि वे दोनों से तमंचे बनवाकर कम कीमत में खरीदते और आगे अधिक दाम पर बेचते थे। इससे पुलिस को हथियारों की सप्लाई और खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। पुलिस के अनुसार, योगेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ बदायूं के सिविल लाइंस थाने में पहले से एक मुकदमा दर्ज है। रजत प्रताप सिंह उर्फ शंकर के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में एक और उसावां थाने में एक मुकदमा दर्ज बताया गया है। वहीं रामगोपाल और अवधेश के खिलाफ आंवला में अवैध शस्त्र बरामदगी के संबंध में मुकदमा दर्ज किया गया है। चारों आरोपियों के खिलाफ आंवला थाने में आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने बरामद ब्रेजा कार को मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 207 के तहत सीज कर दिया है। बुधवार को एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने प्रेसवार्ता कर कार्रवाई की जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बरामद हथियारों के संबंध में कोई वैध लाइसेंस या प्राधिकार पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि भट्ठे पर तैयार किए जा रहे हथियार कहां-कहां सप्लाई किए जाते थे और इस नेटवर्क से और कौन लोग जुड़े हैं। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

