Monday, May 27, 2024

फिजी द्वीप जिसे मिनी भारत कहा जाता है

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दुनिया में मुश्किल ही है की किसी भारतियों का न होना के लगभग हर देश में, हर कोने में भारतीय रहते हैं। कुछ-कुछ देश तो ऐसे हैं जहां भारतीयों की आबादी बहुत ज्यादा है। ऐसे देशों को अगर हम ‘मिनी हिंदुस्तान’ कहें तो गलत नहीं होगा। दक्षिण प्रशांत महासागर के मेलानेशिया में भी ऐसा ही एक द्वीपीय देश है, जहां की करीब 37 फीसदी आबादी भारतीय है और वह सालो से यहां रहते आ रहे हैं।

फ़िजी द्वीप, आधिकारिक तौर पर गणराज्य ऑफ़ फ़िजी के नाम से जाना जाता है, दक्षिण प्रशांत महासागर में विशाल एक द्वीपीय राष्ट्र है। यह द्वीप समूह पूरी तरह से 333 छोटे-बड़े द्वीपों से मिलकर बना है, जिनमें से केवल 110 द्वीपों पर लोग निवास करते हैं। फ़िजी द्वीप का कुल क्षेत्रफल लगभग 18,300 वर्ग किलोमीटर है और यह दक्षिण प्रशांत महासागर के पश्चिमी हिस्से में स्थित है।

फ़िजी का इतिहास विशेष रूप से उसके भूगोलिक स्थिति और उसमें आए विभिन्न संस्कृतियों के प्रभाव के कारण रिच है। प्राचीन समय से ही यह द्वीप प्रायः पूर्वी और पश्चिमी प्रशांत महासागर के बीच एक महत्वपूर्ण सागरीय यातायात के माध्यम के रूप में था, जिसके कारण यहाँ के स्थानीय लोग विभिन्न सागरों के बीच व्यापार और आदान-प्रदान करते रहे हैं।

फ़िजी द्वीप का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में ख़ुदरती सौंदर्य का चित्र तैर उठता है। यहाँ के समुंद्र तट दुनिया के सबसे खूबसूरत और शांतिपूर्ण स्थलों में से एक हैं। लहलहाते नीले पानी, घने वनस्पतियों से घिरे द्वीप, विविधता से भरपूर जानवरों की धरती पर ख़ुदरत की एक अद्वितीय छवि नजर आती है।

फ़िजी का समृद्ध इतिहास और विविधता की सतत परिप्रेक्ष्य में, यहाँ के विभिन्न समुदायों का परिचय कराता है। यह द्वीपीय राष्ट्र विविध जातियों, धर्मों और भाषाओं के संगम की दृष्टि से एक अद्वितीय स्थान है। यहाँ के लोग अपने आप में एक मेल जोल बनाते हैं और उनकी एकता और सहयोगपूर्ण भावना ने इसे और भी ख़ास बना दिया है।

20वीं सदी में, फ़िजी द्वीप ने अपनी आर्थिक और सामाजिक संरचना में सुधार के लिए कई कदम उठाए। 1970 में यह द्वीपीय राष्ट्र ब्रिटिश साम्राज्य से स्वतंत्र हुआ और गणराज्य बना। इसके बाद भी यहाँ के लोगों ने अपने देश को आर्थिक विकास और विकास के माध्यम से मजबूत बनाने के लिए प्रयासरत रहे हैं।

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