झरिया से लोयाबाद तक ईडी की समानांतर छापेमारी, चर्चित कोयला कारोबारियों और करीबियों के परिसर सील

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धनबाद। झारखंड की कोयला राजधानी धनबाद में मंगलवार की तड़के उस वक्त अफरा-तफरी और हड़कंप का माहौल बन गया, जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कई टीमों ने एक साथ 25 से अधिक ठिकानों पर जोरदार दबिश दी। केंद्रीय जांच एजेंसी की इस अचानक हुई कार्रवाई से अवैध कोयला खनन, वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े नेटवर्क में हड़कंप मच गया है। यह समानांतर छापेमारी जिले के चर्चित कोयला कारोबारियों, उनके करीबियों, सहयोगियों और रिश्तेदारों के आवासीय व व्यावसायिक परिसरों पर एक साथ चलाई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, ईडी की अलग-अलग टीमों ने तड़के ही योजनाबद्ध तरीके से रणनीति बनाकर विभिन्न इलाकों में एक साथ दस्तक दी। जांच एजेंसी की टीमों ने जिले के दो दिग्गज कोल कारोबारियों के मुख्य सहयोगियों के ठिकानों को सबसे पहले घेरा। इसके साथ ही, झरिया में प्रभाव रखने वाले 'यादव बंधुओं' के ठिकानों पर ईडी के अधिकारियों ने पहुंचकर सघन तलाशी अभियान शुरू किया। वहीं, केंदुआ क्षेत्र में 'मंडल बंधुओं' और लोयाबाद इलाके में 'चौहान ब्रदर्स' से जुड़े परिसरों पर भी अधिकारियों की गाड़ियां अचानक पहुंचीं। इसके अलावा, मेमको मोड़ स्थित नालंदा कॉटेज में भी एक प्रमुख कोयला व्यवसायी के आवास पर ईडी की कार्रवाई देर तक चलती रही। छापेमारी के दौरान दो अलग-अलग जगहों पर ईडी की टीम को भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा। लोयाबाद स्थित एक कोयला कारोबारी के आवास पर जब ईडी की टीम पहुंची, तो स्थानीय महिलाओं ने एकजुट होकर कार्रवाई का कड़ा विरोध शुरू कर दिया। काफी देर तक मौके पर भारी गहमागहमी और तनाव का माहौल बना रहा। हालांकि, बाद में सुरक्षा बलों की मदद से स्थिति को नियंत्रित कर टीम घर के अंदर दाखिल हुई। वहीं, एक अन्य कोयला कारोबारी के रिश्तेदार के ठिकाने पर अधिकारियों के पहुंचने पर परिजनों ने मुख्य दरवाजा बंद कर लिया। काफी देर तक दरवाजा न खोले जाने पर अधिकारियों ने सख्ती दिखाई और दीवार पर सीढ़ी लगाकर परिसर के भीतर प्रवेश किया, जिसके बाद तलाशी प्रक्रिया शुरू की जा सकी। छापेमारी के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों के कड़े पहरे में बैंकिंग लेन-देन, अघोषित संपत्तियों के रिकॉर्ड, कारोबारी दस्तावेज और गुप्त वित्तीय कागजातों की बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों का मुख्य ध्यान बेनामी संपत्तियों और हवाला कारोबार से जुड़े साक्ष्यों को जुटाने पर है। ईडी सूत्रों के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस राष्ट्रव्यापी छापेमारी में कितने नकद, अघोषित संपत्ति या डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए हैं। फिलहाल, सभी चिह्नित ठिकानों पर तलाशी अभियान जारी है।