झारखंड में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शत-प्रतिशत त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार करने के उद्देश्य से शुरू हुए 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) अभियान को शीर्ष संवैधानिक स्तर से बड़ा संबल मिला है। गुरुवार को झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राजभवन (लोकभवन) में स्वयं गणना प्रपत्र भरकर और उस पर अपने हस्ताक्षर कर इस महा-अभियान की शुरुआत की। राज्यपाल ने रांची विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के मतदान केंद्र संख्या-16 की बूथ स्तर पदाधिकारी (बीएलओ) मंजू कच्छप को अपना प्रपत्र सौंपा। इस अवसर पर उन्होंने राज्य के सभी पात्र नागरिकों से इस राष्ट्रीय अभियान में बढ़-चढ़कर शामिल होने की भावुक अपील की।
राजभवन में आयोजित इस वीवीआईपी सत्यापन प्रक्रिया के दौरान राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार, रांची के जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी-सह-अनुमंडल पदाधिकारी कुमार रजत मुख्य रूप से उपस्थित रहे। गणना प्रपत्र सौंपने के बाद राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राज्यवासियों के नाम जारी अपने संदेश में कहा कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण लोकतंत्र की आत्मा है। उन्होंने आह्वान किया "राज्य के जितने भी पात्र भारतीय नागरिक हैं, वे इस विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी समझें। जब भी बूथ स्तर पदाधिकारी (बीएलओ) आपके घर गणना प्रपत्र लेकर आएं, तो उसमें अपनी सही जानकारी तत्काल भरकर हस्ताक्षर सहित बीएलओ को सौंपें। हमारा लक्ष्य यह होना चाहिए कि राज्य का एक भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से न छूटे। राज्यपाल ने इस पुनीत और महत्वपूर्ण अभियान में जुटे निर्वाचन विभाग के सभी पदाधिकारियों, कर्मचारियों और बीएलओ को सफल क्रियान्वयन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास जताया कि कर्मचारियों के समर्पित प्रयासों से झारखंड के प्रत्येक योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित रूप से दर्ज हो सकेगा। निर्वाचन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत झारखंड राज्य के कुल 2 करोड़ 64 लाख 63 हजार 236 वोटरों के डेटा की बारीकी से जांच की जाएगी। इस अभियान को पूरी तरह पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए विभाग ने विशेष तैयारी की है। इस बार प्रत्येक वोटर के लिए दो-दो इन्म्यूरेशन (गणना) फॉर्म उपलब्ध कराए गए हैं, जिन्हें भरकर और हस्ताक्षर कर वोटर को बीएलओ को वापस करना होगा। इन्म्यूरेशन फॉर्म भरते समय वोटरों को अपने पिछले एसआईआर (SIR) अभियान में दर्ज कराई गई जानकारी का जिक्र करना अनिवार्य किया गया है। यह महा-अभियान आगामी 29 जुलाई तक निरंतर जारी रहेगा, जिसके तहत बीएलओ कड़ी धूप और विपरीत मौसम की परवाह किए बिना राज्य के हर एक घर का दरवाजा खटखटाएंगे और वोटरों से भौतिक रूप से संपर्क स्थापित करेंगे। राज्यपाल की इस सक्रिय पहल के बाद राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य में वोटर वेरिफिकेशन को लेकर आम जनता के बीच जागरूकता की एक नई लहर दौड़ेगी, जिससे भविष्य के चुनावों को और अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।

