Sunday, January 29, 2023
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आदि कैलाश यात्रा के देशभर से आए श्रद्धालु पहुंचे धारचूला

पिथौरागढ़। दो सालों के बाद शुरु हुई आदि कैलाश की यात्रा का पहला दल आज अधार शिला पहुंचा दल के पिथौरागढ़ा पहुंचने के बाद यात्रियों का कुमाउंनी रीति रिवाज से जोरदार स्वागत किया गया। प्रबंधक दिनेश गुरूरानी की अगुवाई में यात्रियों को तिलक लगाकर यात्रियों का स्वागत हुआ।  साथ ही देश के विभिन्न राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, चंडीगढ़ से यात्री आदि कैलाश यात्रा को लेकर काफी उत्साहित दिखाई दिए।

पहले दल में 15 महिला और 15 पुरुष शामिल हैं। यात्रियों ने आवास गृह के समीप बने शहीद स्मारक में शहीदों का नमन करने के बाद परिसर में बनाई गई मानसरोवर वाटिका में पौधारापण किया। इस दौरान प्रबंधक दिनेश गुरूरानी ने उच्च हिमालय में यात्रा के दौरान रखी जाने वाली सावधानियों की जानकारी यात्रियों को दी। उच्च हिमालय के संवेदनशील पर्यावरण की जानकारी देते हुए यात्रियों से क्षेत्र को साफ-सुथरा बनाए रखने में सहयोग की अपेक्षा की।

यात्री दोपहर में भगवान भोले नाथ के जयकारों के साथ आधार शिविर धारचूला के लिए रवाना हुए। आज यात्री धारचूला आधार शिविर में ही विश्राम करेंगे। जिसके बाद कल सुबह यात्री गुंजी पहुंचेंगे। एक दिन गुंजी में रात्रि विश्राम के बाद यात्रियों को आदि कैलास के दर्शन कराये जायेंगे। पार्वती सरोवर की परिक्रमा के बाद यात्री वापस गुंजी लौटेंगे। शुक्रवार को यात्री ओम पर्वत के दर्शन के लिए जायेंगे। वापसी में गुंजी में रात्रि विश्राम करने के बाद दल शनिवार को डीडीहाट होते हुए भीमताल के लिए प्रस्थान करेगा।

इस बार सड़क मार्ग से होगी यात्रा

आदि कैलास यात्रा पहली बार सड़क मार्ग से हो रही है। दो वर्ष पूर्व तक यात्रियों को गाला से गुंजी के लिए पैदल यात्रा करनी पड़ती थी। आदि कैलास और ओम पर्वत तक भी यात्री पैदल ही जाते थे। दो वर्ष पूर्व भारत ने चीन सीमा तक सड़क तैयार कर ली है। सड़क तैयार हो जाने के बाद अब यात्रियों को पैदल नहीं चलना पड़ेगा और यात्रा कम समय में पूरी हो सकेगी।

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