Recent Posts

भदोही अब कहलाएगा संत रविदास नगर! सीएम योगी की बड़ी घोषणा,1340 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात,सिल्क क्लस्टर से बदलेगी पूर्वांचल की तस्वीर

Blog
 Image

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और सांस्कृतिक मानचित्र पर रविवार का दिन एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भदोही में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले का भव्य उद्घाटन करने के साथ ही जिले के आधिकारिक पुनर्रूपण की घोषणा की। अब यह जिला 'संत रविदास नगर' के नाम से जाना जाएगा। इसके साथ ही भिखारीपुर मैदान से मुख्यमंत्री ने जिले को ₹1,340 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात दी, जो इस क्षेत्र के बुनियादी ढांचे, स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

यूपी के भदोही जिले के नाम को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को बड़ा ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भदोही अब संत रविदास नगर भदोही के नाम से जाना जाएगा। अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले के उद्घाटन के बाद भिखारीपुर मैदान में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ने जिले को करीब 1340 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। इस दौरान उन्होंने वाराणसी, भदोही और मिर्जापुर को जोड़कर सिल्क क्लस्टर विकसित करने की योजना का भी ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वांचल की पारंपरिक कला, कालीन, रेशम और हस्तशिल्प को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में सरकार काम कर रही है। तीनों जिलों को मिलाकर विकसित किए जाने वाले सिल्क क्लस्टर से कालीन और रेशम उद्योग को नई तकनीक, बेहतर बाजार और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास होगा। इससे स्थानीय कारीगरों, बुनकरों और निर्यातकों के लिए रोजगार तथा कारोबार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया। उन्होंने कालीनों की बारीक कारीगरी, डिजाइन और निर्माण प्रक्रिया को देखा तथा कारीगरों के हुनर की सराहना की। इस दौरान उन्होंने कालीन उद्योग से जुड़े लोगों से बातचीत कर उनकी जरूरतों और चुनौतियों की जानकारी भी ली। सीईपीसी चेयरमैन कुलदीप राज वाटल और वाइस चेयरमैन असलम महबूब ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भदोही का कालीन उद्योग देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है। सरकार की कोशिश है कि यहां के कारीगरों और निर्यातकों को आधुनिक सुविधाएं, नई तकनीक और बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जाए। उनका कहना था कि सिल्क क्लस्टर के माध्यम से पूर्वांचल की पारंपरिक कला को अंतरराष्ट्रीय बाजार में और मजबूत पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा। जनसभा में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब माफिया, कर्फ्यू और उपद्रव के दौर से निकलकर उत्सव और विकास की ओर बढ़ रहा है। उनके मुताबिक कानून-व्यवस्था में सुधार का असर प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसरों पर भी दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने प्रदेश के विकास के बजाय परिवारवाद, माफिया और दंगाइयों को बढ़ावा दिया। योगी ने कहा कि सपा के एजेंडे में युवा और महिलाएं नहीं रहे, जबकि भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य और खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। भदोही के नाम परिवर्तन की घोषणा के बाद जनसभा में यह मुद्दा खास चर्चा का केंद्र बन गया। मुख्यमंत्री की घोषणा को जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि नाम परिवर्तन की प्रक्रिया को औपचारिक रूप देने के लिए आगे की प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। कालीन मेले के मंच से विकास परियोजनाओं, सिल्क क्लस्टर और नाम परिवर्तन की घोषणा ने भदोही को एक साथ कई बड़ी खबरों के केंद्र में ला दिया। सरकार का दावा है कि उद्योग और बुनियादी ढांचे के विकास के साथ पारंपरिक कारीगरों को नई बाजार व्यवस्था से जोड़कर पूर्वांचल की अर्थव्यवस्था को गति दी जाएगी।